शिवलिंग: परमभोग का आस्वाद

नहीं राम बिन ठांव-(प्रश्नोंत्तर)-ओशो   प्रवचन-बाहरवां    दिनांक 05 जून सन् 1974 ओशो आश्रम, पूना। शिवलिंग: परमभोग का आस्वाद तो चाहे काम हो, चाहे क्रोध हो, चाहे कोई भी वेग हो, ध्यानी को उसे दूसरे…

पुरुष बलात्कार, शीलभंग, हिंसा आदि अपनी पाशविक प्रवृत्तियों पर काबू पाने में समर्थ क्यों नहीं हो पाता है?

पहला प्रश्न: ओशो, परिवार के भीतर शीलभंग को कैसे निर्मूल किया जाए और कैसे स्त्रियों को उससे लड़ने का बल प्राप्त हो? निंदा शीलभंग करने वाले की की जानी चाहिए,…

तंत्र कहता है कि जीवन की नदी के साथ संघर्ष मत करो, तैरो नहीं; बल्कि उसकी धारा में अपने को छोड़ दो और बहो।

तंत्र कहता है कि जीवन की नदी के साथ संघर्ष मत करो, तैरो नहीं; बल्कि उसकी धारा में अपने को छोड़ दो और बहो। लेकिन अनुभव कहता है कि अति यंत्रीकरण और…

तंत्र सूत्र–विधि -51 (ओशो) काम संबंधि चौथा सूत्र–

बहुत समय बाद किसी मित्र से मिलने पर जो हर्ष होता है, उस हर्ष में लीन होओ।‘’       उस हर्ष में प्रवेश करो और उसके साथ एक हो जाओ। किसी…

तंत्र सूत्र–विधि -50 (ओशो) काम संबंधि तीसरा सूत्र–

‘’काम-आलिंगन के बिना ऐसे मिलन का स्‍मरण करके भी रूपांतरण होगा।‘’   एक बार तुम इसे जान गए तो प्रेम पात्र की, साथी की जरूरत नहीं है। तब तुम कृत्‍य…

तंत्र सूत्र–विधि -49 (ओशो) काम संबंधि दूसरा सूत्र-

‘’ऐसे काम-आलिंगन में जब तुम्‍हारी इंद्रियाँ पत्‍तों की भांति कांपने लगें उस कंपन में प्रवेश करो।‘’      जब प्रेमिका या प्रेमी के साथ ऐसे आलिंगन में, ऐसे प्रगाढ़ मिलन में तुम्‍हारी…

तंत्र सूत्र–विधि -48 (ओशो) काम संबंधि पहला सूत्र–

      ‘’काम-आलिंगन में आरंभ में उसकी आरंभिक अग्‍नि पर अवधान दो, और ऐसा करते हुए अंत में उसके अंगारे से बचो।‘’       कई कारणों से काम कृत्‍य गहन परितृप्‍ति बन सकता है…

“युवक और यौन !”

जिस दिन दुनिया में सेक्‍स स्‍वीकृत होगा, जैसा कि भोजन, स्‍नान स्‍वीकृत है। उस दिन दुनिया में अश्‍लील पोस्‍टर नहीं लगेंगे। अश्‍लील किताबें नहीं छपेगी। अश्‍लील मंदिर नहीं बनेंगे। क्‍योंकि…