कुछ अटक गये भाषाओं में•

कुछ अटक गए भाषाओं में,कुछ देश धर्म मुल्लाओं में,कुछ भटके तीर्थ हजारों में,काशी काबा गिरनारों में,अब कौन राह बतलायेगामूढों को कौन जगाएगाजो गीता पाठ दोहराएंगेवह बंसी नहीं सुन पाएंगेजो बाहर…

साहित्य रीता धर्म बिन,धर्म रीता काव्य बिन🙏

साहित्य रीता धर्म बिन,धर्म रीता काव्य बिन,कोई कृष्ण बुलाया जाये,मिलन तो इनका कराया जाये,वैदिक ऋषियों से बिछुड़े हैं,कालिदास भवभूति दण्डिन,भारवि भर्तहरि श्री हर्ष को,वेदपाठ करवाया जाये,जप तप योग में सनी…