"दयानन्द पर पुनर्विचार" यह सनातन संस्कृति है कि समय समय पर हम अपनें महापुरूषों पर पुनर्विचार करते रहें और जो पुराना हो गया है उसे बदलते रहें और नये विचारों…
१. यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्म ।। ( शतपथ ब्राह्मण )यज्ञ दुनिया का सर्वश्रेष्ठ कर्म है । २. यज्ञो वै कल्पवृक्षः ।।यज्ञ कामनाओं को पूर्ण करनेवाला है । ३. ईजानाः स्वर्गं…