कर्णजीवातुभूतम् (कीमिया-ए-इश्क़)

-1- विरञ्चिना विरचिता सुन्दरि! त्वं न सुन्दरी।तथा, यथा मनस्तूल्या मया त्वं सुन्दरीकृता॥ हे सुन्दरी,ब्रह्मा ने भी तुम्हें उतना सुन्दर नहीं बनाया हैजितना कि मैंने अपने मन की कूँची से सँवारकरतुम्हें…

ब्राह्मण का बल क्षमा है क्योंकि वह इस नियम से परिचित है कि जगत को जो भी दो वह अंततः खुद पर ही लौट आता है। बात बात पर श्राप देनें वाले दुर्वासा इसीलिये दुर्वासा हैं, अपनी तपस्या आप ही श्राप देकर भंग करनें वाले। ब्राह्मण आदर्श हैं वशिष्ठ ।

क्षमः यशः क्षमा दानं क्षमः यज्ञः क्षमः दमः।क्षमा हिंसा: क्षमा धर्मः क्षमा चेन्द्रियविग्रहः॥अर्थात्- क्षमा ही यश है क्षमा ही यज्ञ और मनोनिग्रह है ,अहिंसा धर्म है. और इन्द्रियों का संयम…

एक छोटा सा संदेश कुँवारों के नाम।

एक छोटा सा संदेश जिसे कोर्ट द्वारा तो समाधान कर दिया गया है लेकिन हमारी पुरानी आदतों के ना बदलनें के कारण अनेंक समस्याओं की जननी हो गयी है। आदतें…

हर देश हर धर्म हर जाति हर वर्ग के लिये कथा “ऋषयश्च कलन्दराः संस्थानम्”

ब्राह्मणों के लिये उपनिषद कथा क्षत्रियों के लिये रामकथा वैश्यों के लिये बिजनेस माड्यूल एवं शेयर मार्केट ज्ञान हिन्दी अंग्रेजी दोनों में। यादवों के लिये भागवत कथा। SC/ST के लिये…

RISHIS & QALANDARS IAS ACADEMY

ऋषयश्च कलन्दराः संस्थानम् का वह कार्य जो विद्यार्थियों को सिविल सेवा के लिये तैयार करेगा वह सब कार्य इस "RISHIS & QALANDARS IAS ACADEMY" के तहत होगा । यह एक…