गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) श्रीभगवानुवाच - अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः। स संन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः॥६-१॥ श्री भगवान कहते हैं - जो पुरुष…
ज्ञानकर्मसंन्यासयोगः ज्ञान कर्मसंन्यास योग Yoga of Knowledge and Renunciation from Action गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) श्रीभगवानुवाच - इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्। विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्॥४-१॥ श्री भगवान कहते हैं - पहले…
साङ्ख्ययोग साङ्ख्ययोग Yoga Of Knowledge गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) संजय उवाच - तं तथा कृपयाविष्टमश्रु पूर्णाकुलेक्षणम्। विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः॥१॥ संजय बोले- तब करुणा-ग्रस्त और आँसुओं से पूर्ण,…
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता(हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) जनक उवाच- तत्त्वविज्ञानसन्दंश- मादाय हृदयोदरात्। नानाविधपरामर्श- शल्योद्धारः कृतो मया॥१९- १॥ राजा जनक कहते हैं - तत्त्व-विज्ञान की चिमटी द्वारा विभिन्न प्रकार…