‘’काम-आलिंगन में आरंभ में उसकी आरंभिक अग्नि पर अवधान दो, और ऐसा करते हुए अंत में उसके अंगारे से बचो।‘’ कई कारणों से काम कृत्य गहन परितृप्ति बन सकता है…
In India we have pictured Shiva as Ardhanarishwar – half-man, half-woman. That is the only symbol of its type all over the world. Shiva – half is man, half is…
One of the controversies that has always surrounded you and your communes concerns indulgence in sex, and what are being condemned as sexual perversions or orgies. Please give us your…
जिस दिन दुनिया में सेक्स स्वीकृत होगा, जैसा कि भोजन, स्नान स्वीकृत है। उस दिन दुनिया में अश्लील पोस्टर नहीं लगेंगे। अश्लील किताबें नहीं छपेगी। अश्लील मंदिर नहीं बनेंगे। क्योंकि…
बुद्ध जीते हैं सबसे ऊंची संवेदनशीलता सहित और इससे वे पूरी अनुभूति पाते है अपनी सारी शारीरिक आवश्यकताओं की। क्या कामवासना भी एक शारीरिक आवश्यकता नहीं है तो फिर क्यों…
ब्राह्मण-सूत्र : 2 दिव्व-माणुसत्तेरिच्छं, जो न सेवइ मेहुणं। मणसा काय-वक्केणं, तं वयं बूम माहणं ।।भ जहा पोम्मं जले जायं, नोवलिप्पइ वारिणा। एवं अलित्तं कामेहिं, तं वयं बूम माहणं ।। आलोलुयं मुहाजीविं, अणगारं अकिंचणं। असंसत्तं गिहत्थेसु, तं वयं बूम माहणं ।। जो देवता, मनुष्य तथा तियच संबंधी सभी प्रकार के मैथुन का मन, वाणी और शरीर से कभी सेवन नहीं करता, उसे हम ब्राह्मण…
दंपत्योर्निशि जल्पतोर्गृहशुकेनाकर्णितं यद्वच- स्तत्प्रातर्गुरूसंनिधौ निगदत: श्रुत्वैव तारं वधू:। कर्णालम्बितपद्मरागशकलं विन्यस्य चन्च्वा: पुरा ब्रीडार्ता प्रकरोति दाडिमफलव्याजेन वाग्बन्धनम्।। सखी सखी से कह रही है- रात में दम्पति नें जो बातें की थीं…
कवि की उक्ति है-"आधी रात में जलबर्षा करते हुये बादल की गम्भीर ध्वनि सुनकर(राह के गाँव में डेरा डाले) बेचारे पथिक को दूरदेश में पड़ी हुयी विरहिणी बाला की याद…