राम नाम जान्यो नहीं

राम नाम जान्यो नहीं-(प्रश्नोंत्तर)-ओशो भीतर के राम से पहचान-प्रवचन पहला प्रश्न-सार 1—आपने आज प्रारंभ होने वाली प्रवचनमाला को नाम दिया है: रामनाम जान्यो नहीं। क्या सच ही मृत्यु सिर्फ उनके…

देवता और प्रेतात्मातएं

यह देवता शब्‍द को थोड़ा समझना जरूरी है। इस शब्‍द से बड़ी भ्रांति हुई है। देवता शब्‍द बहुत पारिभाषिक शब्‍द है। देवता शब्‍द का अर्थ है........इस जगत में जो भी…

पतंजलि का चित्तवृत्ति निरोध

सम्राट पुष्पमित्र ने अश्वमेध—यज्ञ किया। यज्ञ की पूर्णाहुति हो चुकी थी, रात को अतिथियों के सत्कार में नृत्योत्सव था। जब यज्ञ के ब्रह्मा महर्षि पतंजलि उसमें उपस्थित हुए, तो उनके…

अध्याय ४-९: यज्ञ का रहस्य

दैवमेवापरे यज्ञं योगिनः पर्युपासते। ब्रह्माग्नावपरे यज्ञं यज्ञेनैवोपजुह्वति।। २५।/ और दूसरे योगीजन देवताओं के पूजनरूप यज्ञ को ही अच्छी प्रकार उपासते हैं अर्थात करते हैं और दूसरे ज्ञानीजन परब्रह्म परमात्मा रूप…

नव निधि रहस्य-भौकाल एवं वास्तविकता

नव-निधियां किसी भी मनुष्य को असामान्य और अलौकिक शक्तियां प्रदान करने में सक्षम हैं। १. पर-काया प्रवेश : किसी अन्य के शरीर में अपनी आत्मा का प्रवेश करवाना पर-काया प्रवेश कहलाता…

सोलह कलाएं-भौकाल एवं वास्तविकता।

सोलह कलाएं कला को अवतारी शक्ति की एक इकाई मानें तो श्रीकृष्ण सोलह कला अवतार माने गए हैं। सोलह कलाओं से युक्त अवतार पूर्ण माना जाता हैं, अवतारों में श्रीकृष्ण…

अष्ट सिद्धि का भौकाल एवं वास्तविकता में फर्क।

अष्ट सिद्धियां वे सिद्धियाँ हैं, जिन्हें प्राप्त कर व्यक्ति किसी भी रूप और देह में वास करने में सक्षम हो सकता है। वह सूक्ष्मता की सीमा पार कर सूक्ष्म से…