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अष्टावक्र गीता-4
अष्टावक्र गीता(मूल संस्कृत) अष्टावक्र गीता (हिंदी भावानुवाद) Ashtavakra Gita (English) अष्टावक्र उवाच - हन्तात्मज्ञस्य धीरस्य खेलतो भोगलीलया। न हि संसारवाहीकै- र्मूढैः सह समानता॥४- १॥ अष्टावक्र कहते हैं - स्वयं को जानने वाला…