निर्वाण षटकम्

निर्वाण षटकम् (मूल संस्कृत) निर्वाण षटकम् (हिंदी भावानुवाद) NirvanaShatkam (English) मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योमभूमि- र्न तेजो न वायुः चिदानंदरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥१॥     …

दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम्

दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम्(मूल संस्कृत) दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम् (हिंदी भावानुवाद) Dakshinamurti Stotram (English) विश्वं दर्पणदृश्यमाननगरी तुल्यं निजान्तर्गतम्, पश्यन्नात्मनि मायया बहिरिवोद्भूतं यदा निद्रया। यः साक्षात्कुरुते प्रबोधसमये स्वात्मानमेवाद्वयम्, तस्मै श्रीगुरुमूर्तये नम इदं श्रीदक्षिणामूर्तये ॥१॥ यह विश्व…

धन्याष्टकम्

धन्याष्टकम् (मूल संस्कृत) धन्याष्टकम्  (हिंदी भावानुवाद) Dhanyashtkam (English) तत्ज्ञानं प्रशमकरं यदिन्द्रियाणां तत्ज्ञेयं यदुपनिषत्सुनिश्चितार्थम्। ते धन्या भुवि परमार्थनिश्चितेहाः शेषास्तु भ्रमनिलये परिभ्रमंतः ॥१॥ वह ज्ञान है जो इन्द्रियों की चंचलता को शांत कर…

हस्तामलकम्

हस्तामलकम् (मूल संस्कृत) हस्तामलकम् (हिंदी भावानुवाद) Hastamlakam (English) कस्त्वं शिशो कस्य कुतोऽसि गन्ता, किं नाम ते त्वं कुत आगतोऽसि। ऐतंमयोक्तम वद चार्भकत्वं, मत्प्रीतये प्रीतिविवर्धनोऽसि ॥१॥ श्री शंकराचार्य हस्तामलक से प्रश्न…

भज गोविन्दम्

भज गोविन्दम् (मूल संस्कृत) भज गोविन्दम् (हिंदी भावानुवाद) Bhaja Govindam (English) भज गोविन्दं भज गोविन्दं, गोविन्दं भज मूढ़मते। संप्राप्ते सन्निहिते काले, न हि न हि रक्षति डुकृञ् करणे॥१॥ हे मोह…

श्रीराम ह्रदयम् 

श्रीराम ह्रदयम् (मूल संस्कृत) श्रीराम ह्रदयम् (हिंदी भावानुवाद) Sri Ram Hrudayam (English) श्रीमहादेव उवाच - ततो रामः स्वयं प्राह हनूमंतमुपस्थितम्। श्रृणु तत्त्वं प्रवक्ष्यामि ह्यात्मानात्मपरात्मनाम्॥१॥ श्री महादेव कहते हैं - तब श्री…

गीता-१८

मोक्षसंन्यासयोगः मोक्षसंन्यासयोग गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) अर्जुन उवाच - संन्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम् ।  त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥१८- १॥ अर्जुन कहते हैं - हे महाबाहो! हे…

गीता-१७

श्रद्धात्रयविभागयोगः श्रद्धात्रयविभागयोग गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) अर्जुन उवाच - ये शास्त्रविधिमुत्सृज्य यजन्ते श्रद्धयान्विताः ।  तेषां निष्ठा तु का कृष्ण सत्त्वमाहो रजस्तमः ॥१७- १॥ अर्जुन बोले- हे कृष्ण!…

गीता-१६

दैवासुर-सम्पद्विभागयोगः दैवासुर-सम्पद्विभागयोग   गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) श्रीभगवानुवाच - अभयं सत्त्वसंशुद्धि- र्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः ।  दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायस्तप आर्जवम् ॥१६- १॥ श्री भगवान बोले- भय का सर्वथा अभाव,…

गीता-१५

पुरुषोत्तमयोगः पुरुषोत्तमयोग   गीता(मूल संस्कृत) गीता (हिंदी भावानुवाद) Gita (English) श्रीभगवानुवाच- ऊर्ध्वमूलमधःशाखम- श्वत्थं प्राहुरव्ययम् ।  छन्दांसि यस्य पर्णानि यस्तं वेद स वेदवित् ॥१५- १॥ श्री भगवान बोले- आदिपुरुष परमेश्वर रूप…