“दयानन्द पर पुनर्विचार” यह सनातन संस्कृति है कि समय समय पर हम अपनें महापुरूषों पर पुनर्विचार करते रहें और जो पुराना हो गया है उसे बदलते रहें और नये विचारों को जोड़ते रहें।
ऋषयश्च कलन्दराः संस्थानम्
की ओर से इस पब्लिकेशन की स्थापना की गयी है यह पब्लिकेशन स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा जिसका उद्देश्य संस्कृत एवं फारसी धर्मग्रन्थ तथा साहित्य को लोगों तक पहुँचाना एवं
समाज में जागरूकता के लिये एक पत्रिका का प्रकाशन
तथा कुछ ऐसी पुस्तकें भी प्रकाशित करेगा जो कि सामान्य पढे लिखे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि यह उसे पता हो।
